Sunday, 25 June 2023

लव यू पंचम ....म्यूज़िक कंसर्ट


लखनऊ में और बंबई में रहते हुए ये फिल्मी कंसर्ट इतने देख लिए हैं कि अब मन भर गया है ...अब तो कोई स्पैशल ही कंसर्ट हो या षणमुखानंद जैसे हाल में प्रोग्राम हो तो ही इच्छा होती है ..इन सब के बारे में इतवार के दिन टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ जो बॉम्बे टाइम्स आता है उस से पता चल जाता है ...

आर डी बर्मन का कौन फैन नहीं है....अब उन की याद में प्रोग्राम हो और वहां न पहुंचें तो क्या बात हुई। इस बार तो यह प्रोग्राम छूट ही जाता ..अगर दो दिन पहले एक दोस्त ने याद न दिलाया होता कि पंचम के प्रोग्राम में जाने का क्या ख्याल है। बस, उसी वक्त बुक-मॉय-शो पर टिकटें ले लीं...





इस प्रोग्राम में जाने के लिए बेताबी इसलिए भी थी कि उसमें कविता कृष्णमूर्ति ने भी लाइव गाना था ....कविता कृष्णमूर्ति को इससे पहले लाइव नहीं सुना था ...सारा हाल भरा हुआ था ...कविता कृष्णमूर्ति को टीवी पर अकसर देख चुके हैं....जिनकी आवाज़ इतनी सुरीली है उन के बारे में यह कहना कि वे उतनी ही मृदुभाषी भी हैं...अजीब सा लगता है। 

कविता कह रही थीं कि वह 51 बरसों से गायन कर रही हैं...उन के पति दुनिया में ख्याति-प्राप्त फ्यूज़न-म्यूज़िक के गुरू डा एल सुब्रह्मणयम का भी अभिनंदन किया गया...अभी मैं उन के पति का नाम लिखने लगा तो मुझे लगा कि मैं वह नाम ठीक से लिख पाऊं, इसलिए मैं गूगल किया तो मुझे कविता कृष्णमूर्ति का बॉयोडैटा नज़र आ गया ...ओ मॉय गॉड, फिल्मी गीत गाने के लिए इतने अवार्ड ....आप भी इस लिंक पर देख सकते हैं...

कविता ने अपने संस्मरण भी साझा किए ...बहुत सी बातें भी की....वह कह रही थीं कि गीत तो आप लोग यू-ट्यूब पर भी सुन लेंगे ...मुझे आप से इन गीतों से जुड़ी यादें भी साझा करनी हैं....एक बात जो क़ाबिले-गौर थी कि अभी तक मैंने कविता को हिंदी में ही बोलते देखा सुना था ....लेकिन इस प्रोग्राम में अपना वार्तालाप इंगलिश में ही किया ...बिल्कुल सरल एवं बहुत प्रभावशाली इंगलिश में ...

वह बता रही थीं कि उन्होंने पंचम के संगीत निर्देशक में जितने भी गीत गाए लोगों ने उन को बहुत पसंद किया ...उन्होंने बताया शुरूआती दौर में दो-तीन गीत जो उन्होंने फिल्मों के लिए गाए, वे सब इतना अच्छा नहीं कर पाए....बता रही थीं कि पंचम कहने लगे कि तुम्हारे साथ एक ऐसा गीत करूंगा जो कमाल कर दिखाएगा...और फिर आई फिल्म 1942- ए लव स्टोरी.....और उस का गीत --लगता है डर सनम....रिम झिम रिम झिम ...




इस प्रोग्राम के डायरेक्टर नितिन शंकर भी एक जानेमाने संगीतकार हैं....हमारा ज्ञान तो संगीत के बारे में ऐसा है कि हमें तो यह भी नहीं पता कि ये जो इतने संगीत के वाद्य-यंत्र बजाए जा रहे हैं इन के नाम क्या हैं....लेकिन इतना तो मानना पड़ेगा कि ये सभी कलाकार अपने अपने फन के माहिर हैं...और नितिन शंकर बता रहे थे कि ये जो ग्रुप हैं इन में से 10-12 लोग ऐसे पुराने फ़नकार हैं जो आर डी बर्मन के साथ काम करते रहे हैं...और हां, उस दिन आरडी बर्मन के साथ बहुत लंबे समय तक काम करने वाले जॉली मुखर्जी भी वहां थे ...ये आरडीबर्मन के संगीत में कोरस का काम देखते थे और पंचम दा के बहुत करीबी थे....उन्होंने भी दर्शकों के लिए एक दो गीत पेश किए...शोले के गीत के बाद तो तालियों की गूंज सुनते बनती थी ....  

 

कविता कृष्णमूर्ति ने अपने पसंदीदा गीतों की एक मेडली भी प्रस्तुत की ....


लव यू पंचम प्रोग्राम में जाकर उन के बारे में बहुत सी अच्छी बातें सुन कर बहुत अच्छा लगा...संयोग से मैं पिछले दिनों ही पंचम पर लिखी गई एक किताब पढ़ रहा था, लेकिन वही बात है किताब पढ़ना एक बात है और किसी लाइव प्रोग्राम में उनके उन साथियों से उन की बातें सुनने का मज़ा ही अलग होता है ....और रही बात नामचीन गायकों को सुनने की.....जिन्हें हम लोग रेडियो पर सुनते रहे, जिन के गाए गीत कैसेटों में भरवा कर सुनते रहे, जिन की आडियो सीडी और बाद में वीडियो सीडी और बाद में एफएम पर दिन रात जिन के गाए हुए गीतों की धूम मची हो, अगर इन को साक्षात गाते हुए देखने का मौका मिले तो क्या महसूस होता है ....यह ब्यां करना मुश्किल जान पड़ता है .......वैसे उस की ज़रुरत भी तो नहीं.....प्रोग्राम का आंखों देखा हाल जितना ज़रूरी समझा आप तक पहुंचा दिया न ....बात खत्म हुई ....लिखना तो और भी बहुत कुछ चाह रहा था, लेकिन इच्छा नहीं हो रही ....पोस्ट को यही पर बंद करते हैं....

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